[Cahpter 1] Journal Entry Rules in Hindi For Beginners | Examples | Personal Account | Nominal Account | Real Account

Importance Of Journal Entry Rules in Hindi for Beginners :

अगर आप account/commerce के स्टूडेंट है तो आपको यह बात समझ लेना होगा कि accounting की शुरुआत Book keeping और Journal Entry से ही होती है l पूरा एकाउंटिंग चाहे वह क्लास 10th का हो या वह Charted Accountant का पढ़ाई हो, Journal Entry के नियम पर ही चलता है l

Journal Entry का नियम शुरू में ही बहुत ही अच्छे से समझ लेना चाहिए क्योंकि यह नियम आपको भविष्य में एकाउंटिंग के क्षेत्र में या एकाउंटिंग से संबंधित किसी भी प्रकार के कोर्स में काम आएगा इस नियम को आप यूनिवर्सल नियम भी बोल सकते हैं क्योंकि यही नियम पूरे विश्व के accounting standard में एक समान चलता है l

बाकी के कुछ नियम accounting standard और Indian accounting standard के हिसाब से चलते हैं मतलब बाकी के नियमों में परिवर्तन आ सकते हैं पर जर्नल एंट्री के नियम हमेशा, हर जगह एक ही होते हैं और एकाउंटिंग की नीव ही जनरल एंट्री से रखी जाति होती है l

आज हम समझेंगे जर्नल एंट्री के वह नियम जिसके ऊपर यह पूरा अकाउंटिंग सिस्टम Based है जिसे 3 Golden Rules of Accounting भी कहा जाता है l

आइए समझते हैं

Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

Journal Entry, बिजनेस में किए गए लेनदन (Transactions) को सही प्रकार से दर्शाने का एक फॉर्मेट होता है जिसके कुछ नियम होते हैं जर्नल एंट्री को व्यापार की भाषा भी बोल सकते हैं l

जब भी कोई है व्यापारी अपने प्रतिदिन का लेखा करने वाले रजिस्टर से सभी एंट्री को अलग और क्रमबद्ध तरीके से जर्नल एंट्री में उसकी पोस्टिंग करता है उसे तीन प्रकार के खाते दिखाई पड़ते हैं इन तीन प्रकार के खातों के अपने कुछ नियम है इन्हीं तीन नियमों पर Journal Entry की पोस्टिंग की जाती है l

यह तीन प्रकार के खाते कौन-कौन से हैं आइए जानते हैं

  1. Personal A/C (व्यक्तिगत खाते)
  2. Nominal A/C (नाममात्र खाते)
  3. Real A/C (वास्तविक खाते)

1.) Personal A/C (व्यक्तिगत खाते) क्या होता है? | Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

वह सभी वित्तीय लेनदेन (Transactions) जोकी किसी व्यक्ति (person) से संबंधित हो या उसको represent कर रहा हो पर्सनल अकाउंट से संबंधित होते हैं l यहां व्यक्ति से मतलब आम व्यक्ति (Natural person) भी है और आर्टिफिशियल व्यक्ति भी है l

आर्टिफिशियल व्यक्ति (Artificial person) मतलब कंपनी, फर्म etc. क्योंकि एक कंपनी या फर्म भी स्वयं में एक अलग इकाई होती है l

All those transactions which are related to a person or representing a person, are related to personal a/c .

1.) Personal A/C (व्यक्तिगत खाते) के नियम

इसमें प्राप्त करने वाले व्यक्ति को डेबिट करते हैं और देने वाले व्यक्ति को या जिससे प्राप्त हुआ है उसे क्रेडिट करते हैं l

  • Debit the receiver
  • Credit the giver

कुछ उदाहरणों के माध्यम से इसके नियम को बहुत ही अच्छे से और भी सरल तरीके से समझा जा सकता है l

Examples | Questions and Answers for personal a/c Journal entries

a) अमन ने 15000 से व्यापार शुरू किया |

a) जब भी कोई व्यक्ति बिजनेस स्टार्ट करता है तो अपने साथ जो-जो चीजें वह लेकर आता है उसे व्यापारिक भाषा में पूंजी या कैपिटल कहते हैं l यह कैश के रूप में हो सकता है, बिल्डिंग के रूप में, फर्नीचर के रूप ,में गुडविल के रूप में भी हो सकता है l

अमन के पास से 15000 कैश बिजनेस में लगा यानी अमन के पास से कैश गया और जब हम व्यापार शुरू करते हैं तो व्यापारी द्वारा अपने साथ लाए गए चीजों को कैपिटल के रूप में दिखाते हैं इसलिए यहां पर एंट्री होगी l

इसलिए यहां पर एंट्री होगी 》

CASH A/C DR. 15000

TO CAPITAL A/C 15000

( Being cash introduced to business )

b) अतुल को 10000 का माल बेचा l

b) यहां अतुल एक perosn है इसलिए यह साफ दिख रहा है यह पर्सनल अकाउंट से संबंधित एंट्री है l अब इसमें पर्सनल अकाउंट का नियम लगाएंगे Debit the receiver, Credit the giver .

ATUL A/c Dr. 10000

TO SALES A/c 10000

( Being goods sold to Atul )

C) अतुल से 3000 प्राप्त हुए l

c) अतुल के पास से पैसा गया और बिजनेस में पैसा आय l

CASH A/c Dr. 3000

TO ATUL A/c 3000

(Being cash received from ATUL)

d) अपने खुद के खर्च के लिए 1000 निकाले l

बिजनेस से किसी भी प्रकार का धन (money), goods या सर्विस खुद के इस्तेमाल के लिए जब भी लेते हैं तो उसे Drawings कहते हैं l Drawings अकाउंट किसी पर्सन को represents करता है इसलिए यह personal a/c होता है l

DRAWINGS A/c Dr. 1000

TO CASH A/c 1000

( Being cash realised for personal use )

Note : Bank a/c and Capital a/c भी पर्सनल अकाउंट होते हैं l

2.) Nominal A/C (नाममात्र का खाते) क्या होता है? | Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

वह सभी वित्तीय लेनदेन (Transactions) जो कि आय (income) और व्यय (expenditure) से संबंधित होते हैं नाममात्र खाता (Nominal Account) से संबंधित होते हैं l जब हम Financial Account तैयार करते हैं उस दौरान profit & loss में किए गए प्रत्येक ट्रांजैक्शन नाममात्र खाता से ही संबंधित होता है l

All those financial transactions which are related income and expenditure or its kind , known as Nominal Account.

2.) Nominal A/C (नाममात्र खाते) का नियम

Nominal A/C (नाममात्र खाते) में सभी प्रकार के व्यय और हानी को डेबिट करते हैं और सभी प्रकार के आय और लाभ को क्रेडिट करते हैं l

  • Debit all the expenses & losses
  • Credit all income & gains
Examples | Questions and Answers for Nominal a/c Journal entries
  1. ₹3000 सैलरी दिया l
  2. ₹500 ऑफिस का किराया दिया l
  3. रमेश से 5000 लेना था पर अब वह दिवालिया हो गया है l
  4. 2000 का माल चोरी हो गया l
  5. ₹1500 कमीशन प्राप्त हुआ l
  6. अभिषेक को कमीशन दीया 500/- l
  7. अमन को 15000 का लोन दिया था जिससे ₹700 इंटरेस्ट प्राप्त हुआ l

Dt Particular. l.fAmt.Dr.Amt.Cr.
1.)Salary A/c Dr.3000
To Cash A/c3000
(Being salary paid)
2.) Rent A/c Dr. 500
TO Cash A/c500
(Being Rent paid )
3.)Bad.debts A/c Dr.5000
To Debtors A/c5000
(Being Debtor insolvent)
4.)Loss of Goods A/c Dr.2000
To Purchase A/c2000
(Being goods theft)
5)Commission A/c Dr. 1500
To Cash A/c1500
(Being commission received)
6.)Abhishek A/c Dr.500
To Commission A/c500
(Being commission paid )
7.)Intrest on loan A/c Dr.700
To Aman A/c700
(Being interest received against loan to aman)
Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

3.) Real A/C (वास्तविक खाते) क्या होता है l Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

अगर साफ-साफ शब्दों में समझा जाए तो वह सभी वित्तीय लेनदेन जो संपत्ति और दायित्व संबंधित होते हैं रियल अकाउंट माने जाते हैं l जैसे बिल्डिंग, मशीनरी, कैश, लोन, डेटर्स, क्रेडिटर्स यह सभी यह सभी रियल अकाउंट के उदाहरण हैl

All financial transactions which are related or represented to Assets and liability, know as Real A/c

3.) Real A/C (वास्तविक खाते) का नियम

जो भी चीजें नाममात्र खाते (Real a/c) से संबंधित है वह हमें जब प्राप्त होती है तो हम उसे डेबिट करते हैं और जब उसे हम देते हैं तो उस समय हम उसे क्रेडिट करते हैं l

  • What comes in Debit
  • What goes out credit
Examples | Questions and Answers for Real a/c Journal entries
  1. ऑफिस के लिए फर्नीचर खरीदें ₹2000 l
  2. नई मशीन खरीदी ₹10000 l
  3. 5000 का नगद माल बेचा l
  4. स्टाफ को ₹10000 सैलरी एडवांस दिया l
  5. ₹50000 बैंक से लोन लिया l
  6. 7000 का माल बेचा बदले में विल रिसीव हुआ l
  7. नई बिल्डिंग लीज पर ली ₹25000 l
Dt Particular. l.fAmt.Dr.Amt.Cr.
1.)Furniture A/c Dr.2000
To Cash A/c2000
(Being furniture purchased)
2.) Machinery A/c Dr. 10000
TO Cash A/c10000
(Being new machinery introduced to business)
3.)Cash A/c Dr.5000
To Sales A/c5000
(Being Goods Sold in cash)
4.)Prepaid Salary A/c Dr.10000
To Salary A/c10000
(Being salary paid in advance)
5)Bank A/c Dr. 50000
To Bank Loan A/c50000
(Being loan taken from bank)
6.)B/R A/c Dr.7000
To Sales A/c7000
(Being goods sold and BR received )
7.)Building A/c Dr.50000
To Cash A/c50000
(Being New building purchased)
Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

यह थे Journal Entry Rules in Hindi for Beginners l एकाउंटिंग में जितने भी जर्नल एंट्रीज होते हैं वह सभी इन्हीं तीन नियमों के आधार पर पोस्टिंग किए जाते हैं l

इसलिए हर स्टूडेंट को यह तीन नियम अच्छे से समझ लेना चाहिए और इसी के आधार पर जर्नल एंट्री की पोस्टिंग करनी चाहिए l

Journal Entry Rules in Hindi For Beginners

FAQs

जर्नल एंट्री क्या होता है

व्यापार मे किए गए वित्तीय लेनदेन को सही प्रकार से और क्रमबद्ध तरीके से लिखने की प्रक्रिया को accounting की भाषा में जर्नल एंट्री कहते हैं l

Journal Entry कब बनाते हैं ?

Bookkeeping के बाद सभी Transactions को जर्नल में पोस्टिंग करते हैं l

Journal Entry और Final Accounts में क्या अंतर है ?

जर्नल एंट्री व्यापारिक वित्तीय लेनदन को record करने की प्रक्रिया है l जबकि फाइनल अकाउंट इन recorded transactions के base पर व्यापार की स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया है l

Journal Entry में खाते (A/c) कितने प्रकार के होते हैं ?

खाते (A/c) तीन प्रकार के होते हैं : Personal a/c
Nominal a/c
Real a/c

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